भारत की 10 प्रमुख फसलें - Main Crops of India

भारत की प्रमुख फसलें

आज के इस आर्टिकल  में आप  भारत की 10 प्रमुख फसलों के बारे में जानेंगे ,चूँकि भारत एक कृषि प्रधान देश है तो भारत की अर्थव्यवस्था में भी कृषि अर्थात  फसलों का अहम योगदान है। 

भारत  एक विशाल देश है जहाँ  अनेक प्रकार की फसलें पाई जाती हैं आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे की भारत की प्रमुख फसलें कौन कौन सी हैं और किस राज्य में कौन सी फसलें पाई जाती हैं ! भारत के प्रमुख फसलो के बारे में कई विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओ में पूछा जाता हैं इसलिए ये जानकारी होना बहुत ही जरुरी हैं –



भारत की प्रमुख फसलें

    1. चावल -

    चावल भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है। भारत में अधिकतर लोग चावल खाते हैं और चावल  मुख्य रूप से खरीफ या गर्मी की फसल है। यह देश की कुल कृषि क्षेत्र का लगभग एक तिहाई भाग पर होता है।चावल  भारत की आधी आबादी से ज्यादा लोगों को भोजन प्रदान करता है। कुल आबादी की अधिकतर जनसँख्या   चावल खाने वालों की  हैं। क्या आप जानते हैं, चावल उत्पादन के लिए किस-किस तरह की भौगोलिक परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। यह  भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    2. गेहूं -

    गेहूं दूसरा सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान है। यह भारत में चावल के बाद रबी या सर्दियों की फसल है। यह सर्दियों की शुरुआत में बोया जाता है और गर्मियों की शुरुआत में काटा जाता है। आम तौर पर उत्तर भारत में गेहूं की बुवाई अक्टूबर - नवंबर के महीने में होती है और कटाई मार्च - अप्रैल के महीने में किया जाता है। यह भी भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    3. दलहन -

    दलहन में अनेक फसलों को रखा जाता है जो ज्यादातर फली हैं। ये भारत के शाकाहारी लोगों के लिए अमूल्य प्रोटीन प्रदान करते हैं। मांस और मछली खाने वालों की तुलना में शाकाहारियों को प्रोटीन प्राप्ति के श्रोत कम है। ये पशुओं के लिए चारा और अनाज का प्रमुख श्रोत है। इसके अतिरिक्त ये फली फसलें वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में यौगिकृत करती है। सामान्यतया अन्य फसलों से आवर्तित करके मृदा की उर्वरता को बनाएं रखा जाता है। भारत में विभिन्न प्रकार के दलहन पाया जाता है। ये चना, तूर या अरहर, उड़द, मूंग, मसूर, कूल्फी, मटर आदि है। परन्तु इन सबों में चना और तूर या अरहर ही ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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    4.गन्ना –

    आपको इसके बारे में पता तो होगा ही और अपने खाया भी होगा,क्या आप अपने दिनचर्या में बिना चीनी के जीवन की कल्पना कर सकते हैं? चीनी के बिना जीवन के बारे में सोचना असंभव है। क्या आप जानते हैं कि गन्ना बांस परिवार के अंतर्गत आता है और यह भारत के लिए स्वदेशी है? यह खरीफ फसल है। यह चीनी, गुड़, और खांडसारी का मुख्य स्रोत है। यह शराब तैयार करने के लिए कच्चे माल भी प्रदान करता है। खोई, कुचले गन्ने का अवशेष का भी कई उपयोग है। यह भी भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    5.कपास -

    कपास न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रेशेदार फसल है। यह न केवल सूती वस्त्रा उद्योग के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराता है, बल्कि इसके बीज वनस्पति तेल उद्योग में प्रयोग किया जाता है। इसलिए यह भी भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    6.तिलहन -

    भारत में वाणिज्यिक फसलों के महत्वपूर्ण समूहों में से तिलहन एक है। भारत तिलहन के क्षेत्र और उत्पादन में विश्व में अग्रणी है। वास्तव में, भारत की तिलहन से निकाले तेल न केवल हमारे आहार का एक महत्वपूर्ण भाग है बल्कि हाइड्रोजनीकृत तेलों, वार्निश, साबुन, चिकनाई ,पेंट, आदि के निर्माण के लिए कच्चे माल के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। तिलहन से तेल निकालने के बाद बचा अवशेष महत्वपूर्ण पशु आहार और खाद के रूप में उपयोग किया जाता हैं |

    7.मूंगफली -

    यह भारत की सबसे महत्वपूर्ण तिलहन है। मूंगफली खरीफ और रबी फसल दोनों के रूप में में उगाया जाता है लेकिन कुल क्षेत्राफल का 90-95 प्रतिशत क्षेत्रा खरीफ फसल के रूप में है। मूंगफली से उत्तम किस्म का तेल प्राप्त किया जाता हैं जिससे खाना बनाते हैं | तेल निकालने के बाद बचा अवशेष महत्वपूर्ण पशु आहार और खाद के रूप में उपयोग किया जाता हैं | यह भी भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    8.चाय –

    भारत में लगभग सभी घरो में सुबह शाम चाय के सेवन किया जाता हैं | यह के प्रकार का पेय पदार्थ होता हैं जो चाय की पत्तियों से प्राप्त होता हैं | भारत चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध है। असम और पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के चाय बागानों के बारे में सुना होगा। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में जंगली चाय पौधों को खोजा गया। चाय पौधों के कोमल अंकुरित पत्तों को सुखाकर तैयार की जाती है। वर्तमान में, भारत दुनिया में अग्रणी चाय उत्पादक देश है।

    9.कॉफी –

    चलिए जानते काफी के बारे में,क्या आप जानते हैं, भारत में कॉफी कहाँ से लाया गया? यह इथियोपिया (अबिसनिया पठार) का मूल निवासी पौधा है। इथियोपिया से यह 11 वीं सदी में अरब लाया गया था। अरब से बीज बाबा बुदन द्वारा 17 वीं सदी में कर्नाटक के बाबा बुडान पहाड़ियों पर लगाया गया। यह भी चाय के समान ही के पेय पदार्थ हैं जो अधिकतर लोग इसका सेवन करते हैं |

    10.चना-

    चना सभी दालों में सबसे महत्वपूर्ण है। कुल दलहनों के उत्पादन का 37 प्रतिशत भाग चने से आता है जबकि चना दालों के कुल क्षेत्राफल का 30 प्रतिशत पर चना होता है। यह रवी की फसल है जो सितंबर से नवंबर के बीच में बोया जाता है और फरवरी से अप्रैल के बीच काटा जाता है। यह या तो एक एकल फसल के रूप में खेती की जाती है या गेहूं, जौ, अलसी या सरसों के साथ मिलाकर खेती की जाती है। यह भी भारत की प्रमुख फसल में से एक हैं |

    आज के इस पोस्ट में आपने भारत की कुछ प्रमुख फसलों के बारे में जाना ,जो सामान्य ज्ञान की दृष्टि से जरुरी होने के साथ-साथ  प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। 

    उम्मीद है यह पोस्ट आपके लिए लाभकारी साबित होगी ,अगर आपको पोस्ट अच्छी लगे तो पोस्ट को शेयर जरुर करें।  



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    18 AprilSTUDY POINT & CAREER