प्लाज्मा थेरेपी क्या है ? (WHAT IS PLASMA THERAPY). Plasma Therapy Full Details in Hindi

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प्लाज्मा थेरेपी क्या है ? WHAT IS PLASMA THERAPY IN HINDI?Plasma therapy kya hai hindi me । 


देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच प्लाज्मा थेरेपी एक उम्मीद बनकर उभरी है.आये दिन हमको इसके बारे में सुनने को मिल रहा हैं इसलिए आज हम प्लाज्मा थेरेपी क्या है? के बारे में कुछ जानकारी आपके लिए लाये हैं |आज हम जानेंगे की प्लाज्मा थेरेपी क्या है? कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट ? क्या प्लाज्मा थेरेपी COVID-19 को ठीक करने में मदद कर सकती है? ऐसे में आपको जानना जरूरी है कि क्या होती है प्लाज्मा थेरेपी और कैसे इससे किसी की जान बचाई जा सकती है. बताते चलें कि शरीर में किसी वायरस के आ जाने पर प्लाज्मा ही एंटीबॉडी बनाने में मदद करता है.



प्लाज्मा थेरेपी क्या है ? (WHAT IS PLASMA THERAPY). Plasma Therapy Full Details in Hindi


    प्लाज्मा थेरेपी क्या है?

    प्लाज्मा थेरेपी, जिसे मोटे तौर पर ‘कायलसेंट प्लाज्मा थेरेपी’ के रूप में जाना जाता है, कोरोना  वायरस संक्रमण के इलाज के लिए एक प्रायोगिक प्रक्रिया है. इस इलाज में, प्लाज्मा, खून का पीला लिक्विड हिस्सा, उस व्यक्ति से निकाला जाता है जो संक्रमण से उबर गया है और उस रोगी को इंजेक्शन लगाया गया है जो उस बीमारी से पीड़ित है. प्लाज्मा में एंटीबॉडी होते हैं जो रोगी को रोगाणु से लड़ने और बीमारी से उबरने में मदद कर सकते हैं.

    कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट ?

    COVID-19 के मामले में, एक प्लाज्मा देने वाले को तकरीबन 28 दिनों में संक्रमण से उबर जाना चाहिए और 18 से 60 वर्ष की आयु के अंदर ही होना चाहिए. डोनर का न्यूनतम वजन 50 किलोग्राम होना चाहिए और किसी भी संक्रामक या पुरानी बीमारियों से पीड़ित नहीं होना चाहिए.

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    क्या प्लाज्मा थेरेपी COVID-19 को ठीक करने में मदद कर सकती है?

    हालांकि, भारत में प्लाज्मा थेरेपी की मांग बढ़ी है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि ये गंभीर COVID-19 मामलों के इलाज में बहुत प्रभावी नहीं है और मृत्यु दर को कम नहीं कर सकता है.कुछ मेडिकल एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है कि प्लाज्मा थेरेपी “पुरानी” है और इसे COVID-19 के इलाज के लिए “प्राथमिक चिकित्सा” के रूप में नहीं माना जाना चाहिए और इसका उपयोग केवल स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल दवाओं के साथ किया जाना चाहिए.

    पिछले साल, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने भी कहा था कि प्लाज्मा थेरेपी COVID-19 से जुड़ी मौतों को कम करने में मदद नहीं करती थी और मृत्यु दर में कमी या गंभीर कोरोनोवायरस में प्रगति से जुड़ी नहीं थी.


    आज के इस पोस्ट में आपने प्लाज्मा थेरेपी के बारे में जाना।  COVID-19 के इस दौर में प्लाज्मा थेरेपी  एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी । इसलिए आपको प्लाज्मा थेरेपी के बारे में अवश्य जानना चाहिए । 

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