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उत्तर प्रदेश के महान व्यक्तित्व | List of great people of Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के महान लोगो का लिस्ट | List of great people of Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के महान लोग का लिस्ट

उत्तर प्रदेश : यह जनसँख्या के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य है। उत्तर प्रदेश की धरती पर अनेक महान लोगो का जन्म हुआ है। उत्तर प्रदेश के उन्ही महान विभूतियों की सूची और थोड़ी सी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में दे रहे है।

उत्तर प्रदेश के महान व्यक्तित्व की सूची (Uttar Pradesh Famous personalities list)

तुलसीदास

तुलसीदास का जन्म चित्रकूट के निकट राजापुर ग्राम में हुआ था। इनके बचपन का नाम 'रामबोला' था। नरहरिदास इनके गुरु थेरामचरितमानस, गीतावली, दोहावली, विनयपत्रिका , श्रीराम-सतसई आदि इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।


सूरदास

सूरदास का जन्म मथुरा के निकट सीही नामक स्थान पर हुआ था। इनके गुरु वल्लभाचार्य थे सूरसागर, साहित्य लहरी, सूर-सारावली इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।


निजामुद्दीन औलिया

इनका पूरा नाम हज़रत ख्वाज़ा निज़ामुद्दीन औलिया  हैं. इनका जन्म 1238 को बदायुं, उत्तर प्रदेश में हुआ था. अमीर खुसरो इन्ही के शिष्य थे. अमीर खुसरो ने शेख निजामुद्दीन औलिया को दिलों का हकीम कहा है। वे बाबा फरीद के शिष्य थे। उन्होने में अपना सम्पूर्ण जीवन सूफी मत के प्रचार में लगाया। इन्हें महबूब-ए इलाही भी कहा जाता है।



रैदास

रैदास निर्गुण ब्रह्म के उपासक व रामानन्द के बारह शिष्यों में से एक थेमें से थे उन्होंने 'रामदासी सम्प्रदाय' की स्थापना की तथा 'बानी' नाम से कुछ छन्दों की रचना कीइनका जन्म वाराणसी में हुआ था।


जियाउद्दीन बरनी

जियाउद्दीन बरनी सल्तनतकालीन यह इतिहासकार बुलन्दशहर जिले के का निवासी 'फतवा-ए-जहाँदारी' एवं 'तारीखे-फिरोजशाही' इनकी प्रमुख कृति है। तारीखे फिरोजशाही से सन् 1265 से 1358 तक के सल्तनत कालीन इतिहास की जानकारी मिलती हैबरन था।


टोडरमल

इनका जन्म सीतापुर जिले में हुआ थावे अकबर के प्रधानमन्त्री थे तथा इन्होंने 'दहसाला बन्दोबस्त व्यवस्था' लागू की।


अबुल फजल

इनका जन्म 1550 ईमें आगरा में हुआ थाइनके पिता का नाम शेख मुबारक था तथा वे शेख फैजी के छोटे भाई थे। "अकबरनामा' एवं 'आइने अकबरी' इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। ये तुर्की, फारसी, संस्कृत, अरबी तथा हिन्दी के विद्धान थे


देखें: विभिन्न भाषाओं के महान कवि और लेखकों की सूचि

कबीरदास

कबीरदास का जन्म वाराणसी में हुआ था। इनका पालन-पोषण जुलाहा दम्पति नीरू व नीमा द्वारा किया गया था। इनके गुरु का नाम 'रामानन्द' था। रमैनी, सबद, साखी आदि इनकी रचनाएँ बीजक में संगृहित हैं। 


बाणभटट

बाणभटट एक महान् कवि एवं विद्वान बाणभटट हर्षवर्धन के दरबारी कवि के रूप में इतिहास में चर्चित है। उन्होनें 'हर्षचरित' एवं कादम्बरी नामक में ग्रंथों की रचना की थी, जिसके द्वारा तत्कालीन भारत की सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति का पता चलता है। समकालीन इतिहास को जानने के लिए ये ग्रन्थ प्रामाणिक एवं महत्त्वपूर्ण स्रोत है। कन्नौज निवासी इस विद्वान की प्रशंसा चीनी यात्री हेनसांग ने की थी। 


बिस्मिल्ला खाँ

शहनाई सम्राट बिस्मिल्ला खाँ का जन्म 21 मार्च, 1916 को यद्यपि बिहार के भोजपुर जिले के डुमराँव नामक गाँव में हुआ था, परन्तु उनका बचपन वाराणसी में बीता साथ-ही-साथ उनकी शिक्षा-दीक्षा एवं उनका कार्यक्षेत्र भी वाराणसी ही था। इन्हें वर्ष 1947 में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले पर प्रदर्शन करने का गौरव प्राप्त है। वर्ष 2001 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 


अमीर खुसरो

इनका जन्म 1253 ई. में एटा जिले के पटियाली गाँव में हुआ था। वे निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे तथा फारसी भाषा के सर्वश्रेष्ठ कवि थे। वे प्रथम ऐसे भारतीय लेखक थे जिन्होंने हिन्दी शान्टों तथा मुहावरों का प्रयोग किया। उन्होंने 'सितार' एवं 'तबले' आविष्कार किया तथा इन्हें 'ख्याल गायकी' का जन्मदाता माना जाता है। इन 'तूती-ए-हिन्द' अर्थात् 'भारत का तोता' के नाम से भी जाना जाता है।


पं. मदन मोहन मालवीय

इनका जन्म 27 दिसम्बर, 1861 ईको पं इलाहाबाद में हुआ था। सन् 1902 में ये संयुक्त प्रान्त की विधान परिषद् के लिए निर्वाचित किए गए तथा सन् 1910-20 तक केन्द्रीय विधानसभा के सदस्य रहे। द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने भाग लिया थाउन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। 



पं. रविशंकर

मशहूर सितार वादक पंरविशंकर का जन्म 7 अप्रैल, फिल्म 'अप्पू ट्राइलॉजी' हेतु संगीत निर्माण किया। सन् 1986 से 1992 ई.. 1920 ई. को वाराणसी में हुआ। 1944 ई. में उन्होंने सत्यजीत रे की तक वे राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्हें तीन बार 'ग्रैमी अवार्ड तथा 1999 ई. में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।


रानी लक्ष्मीबाई

सन् 1857 की क्रान्ति में उन्होंने झाँसी में अंग्रेजों के विरुद्ध नेतृत्व प्रदान किया। वे महाराज गंगाधर राव की पत्नी थीं। इनके बचपन का नाम 'मनु' था। अजीजन बेगम लखनऊ की इस नर्तकी ने सन् 1857 के विद्रोह में नाना साहब के आह्वान पर अंग्रेजों के विरुद्ध महिलाओं को संगठित किया।


बेगम हजरत महल

यह अवध के अन्तिम नवाब वाजिद अली शाह की विधवा बेगम हजरत महल ने 1857 ई. के विद्रोह में अपने नाबालिग पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया।


देखें: भारतीय लेखक एवं उनकी पुस्तकें

चन्द्रशेखर आजाद

चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 ई. को उन्नाव में हुआ था। इन्होंने मात्र 14 वर्ष की अल्पायु में ही स्वतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेना शुरू कर दिया था। इन्होनें 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन । एसोसिएशन' नामक क्रान्तिकारी संगठन बनाया। 27 फरवरी, 1931 ईको इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में पुलिस से घिर जाने के बाद उन्होंने स्वयं को गोली मार ली व शहीद हो गए।


चौधरी चरण सिंह

चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसम्बर 1902 को पश्चिम उत्तर प्रदेश के गांव नूरपुर (हापुड़) में हुआ था। वह भारत के किसान राजनेता एवं पाँचवें प्रधानमंत्री थे। उन्होंने यह पद 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक संभाला।



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