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भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीकों की पूरी जानकारी | हमारे राष्ट्रीय प्रतीक

भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीक (all national symbols of india)

all national symbols of india

" राष्ट्रीय प्रतीक अर्थात भारत की राष्ट्रीय पहचान"किसी भी राष्ट्र का राष्ट्रीय प्रतीक उस राष्ट्र की पहचान होती हैं, राष्ट्रीय प्रतीक अपने आप में किसी भी देश की परिभाषा,सभ्यता,मान्यता व संस्कृति को दर्शाता हैं. भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीक भारत की पहचान को बतलाती हैं और इसकी जानकारी भारत के हर नागरिक को होनी ही चाहिए. इसी लिए हमने आज के इस आर्टिकल में भारत के सभी राष्ट्रीय प्रतीकों की पूरी जानकारी दी हैं-

    राष्ट्रीय ध्वज - तिरंगा

    राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में समान अनुपात में तीन क्षैतिज पट्टियां हैं: केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे है। ध्वज की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है।

    सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का चक्र है। भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप 22 जुलाई 1947 को अपनाया।

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    राष्ट्रीय गान - जन-गण-मन-अधिनायक जय हे

    रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा मूल रूप से बांग्ला में रचित जन-गण-मन गीत को 24 जनवरी, 1950 को भारत के राष्ट्रगान के रूप में संविधान सभा द्वारा इसके हिंदी संस्करण में अपनाया गया था।

    जन-गण-मन-अधिनायक जय हे
    भारत-भाग्‍य-विधाता
    पंजाब-सिंधु-गुजरात-मराठा
    द्राविड़-उत्‍कल-बंग
    विंध्य-हिमाचल-यमुना-गंगा
    उच्‍छल-जलधि-तरंग
    तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मांगे,
    गाहे तव जय-गाथा ।
    जन-गण-मंगल-दायक जय हे
    भारत भाग्‍य विधाता ।
    जय हे, जय हे, जय हे,
    जय जय जय जय हे ।
    उपरोक्‍त राष्‍ट्र गान का पूर्ण संस्‍करण है और इसकी कुल अवधि लगभग 52 सेकंड है।

    राष्ट्रीय गीत - वन्दे मातरम्

    वन्‍दे मातरम गीत बंकिम चन्‍द्र चटर्जी द्वारा संस्‍कृत में रचा गया है; यह स्‍वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए प्ररेणा का स्रोत था। इसका स्‍थान जन गण मन के बराबर है।

    वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!
    सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
    शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
    वंदे मातरम्!
    शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,
    फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
    सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
    सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
    वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥
    राष्‍ट्रीय गीत का समय लगभग 1 मिनट 9 सेकंड है।

    राष्ट्रीय वाक्य - सत्यमेव जयते

    भारत का 'आदर्श राष्ट्रीय वाक्य' है- “सत्यमेव जयते”। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। 'सत्यमेव जयते' अर्थात “सत्य की सदैव ही विजय होती है”। 'सत्यमेव जयते' को राष्ट्रपटल पर लाने और उसका प्रचार करने में पंडित मदनमोहन मालवीय की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी।

    भारत का राजचिह्न - सारनाथ अशोक चक्र

    भारत का राजचिह्न सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है, जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है। मूल स्तंभ में शीर्ष पर चार सिंह हैं, जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं। इसके नीचे घंटे के आकार के पदम के ऊपर एक चित्र वल्लरी में एक हाथी, चौकड़ी भरता हुआ एक घोड़ा, एक सांड तथा एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियां हैं, इसके बीच-बीच में चक्र बने हुए हैं।

    एक ही पत्थर को काट कर बनाए गए इस सिंह स्तंभ के ऊपर 'धर्मचक्र' रखा हुआ है। भारत सरकार ने यह चिन्ह 26 जनवरी, 1950 को अपनाया। इसमें केवल तीन सिंह दिखाई पड़ते हैं, चौथा दिखाई नही देता। पट्टी के मध्य में उभरी हुई नक्काशी में चक्र है, जिसके दाईं ओर एक सांड और बाईं ओर एक घोड़ा है।

    दाएं तथा बाएं छोरों पर अन्य चक्रों के किनारे हैं। आधार का पदम छोड़ दिया गया है। फलक के नीचे मुण्डकोपनिषद का सूत्र 'सत्यमेव जयते' देवनागरी लिपि में अंकित है, जिसका अर्थ है- 'सत्य की ही विजय होती है'।

    राष्‍ट्रीय पंचांग - शक संवत

    राष्‍ट्रीय कैलेंडर शक संवत पर आधारित है, चैत्र इसका माह होता है और ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ साथ 22 मार्च, 1957 से सामान्‍यत: 365 दिन निम्‍नलिखित सरकारी प्रयोजनों के लिए अपनाया गया: भारत का राजपत्र, आकाशवाणी द्वारा समाचार प्रसारण, भारत सरकार द्वारा जारी कैलेंडर और जनता को संबोधित सरकारी सूचनाएं

    राष्‍ट्रीय कैलेंडर ग्रेगोरियम कैलेंडर की तिथियों से स्‍थायी रूप से मिलती-जुलती है। सामान्‍यत: 1 चैत्र 22 मार्च को होता है और लीप वर्ष में 21 मार्च को।

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    राष्ट्रीय भाषा - हिन्दी

    राष्ट्रीय भाषा - हिन्दी

    14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इस निर्णय के बाद हिंदी भाषा को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए 1953 से पूरे भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने जाता है।

    राष्ट्रीय लिपि - देवनागरी

    देवनागरी लिपि को राष्ट्रीय लिपि बनाने का प्रमुख कारन था की, इससे अनेक भारतीय भाषाएँ तथा कई विदेशी भाषाएँ लिखी जाती हैं। जैसे- संस्कृत, मराठी, हिन्दी, भोजपुरी, नेपाली, कोंकणी, मैथिली, गढ़वाली आदि। देवनागरी एक भारतीय लिपि है, जिसमें यह बायें से दायें (Left to Right) लिखी जाती है।

    राष्ट्रीय पर्व - गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती

    भारत के तीन राष्ट्रीय पर्व हैं -  स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस ।

    1. स्वतंत्रता दिवस (Independence day)

    भारत को अंग्रेजो से आजादी 15 अगस्त 1947 के दिन मिली थी। तब से प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह स्वतंत्रता दिवस उन स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देने के लिए भी मनाया जाता है, जिन्होंने हमारे देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।

    2. गणतंत्र दिवस (Republic day)

    हमारे देश भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 को प्रारुप में आया था। यह देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिन था। इस कारण प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    3. गांधी जयंती (Gandhi Jayanti)

    गांधी जयंती 2 अक्टूबर को मनायी जाती है। क्योंकि इस दिन महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी सबसे ज्यादा प्रिय भारतीय नेताओं में से एक थे, और यही कारण है की उनके जन्मदिन को राष्ट्रिय पर्व के रूप में मनाया जाता है। वे अहिंसा अहिंसा आंदोलन के प्रणेता थे, जिस आन्दोलन ने ग्रेजों को देश से खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    राष्ट्रीय ग्रंथ - भगवद् गीता

    गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। महाभारत युद्ध आरम्भ होने के ठीक पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया वह श्रीमद्भगवद्गीता के नाम से प्रसिद्ध है। गीता में भक्ति, ज्ञान और कर्म मार्ग की चर्चा की गई है। उसमें यम-नियम और धर्म-कर्म के बारे में भी बताया गया है।

    राष्ट्रीय योजना - पंचवर्षीय योजना

    पंचवर्षीय योजना : देश के आर्थिक और सामजिक विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक पांच वर्ष में योजना बनायीं जाती है जिसे केंद्र सरकार की पंचवर्षीय योजना के रूप में जाना जाता है। अभी 13वीं पंचवर्षीय योजना चल रही है जो की 2017 से 2035 तक की है।

    राष्ट्रीय मुद्रा - रुपया

    भारतीय रुपए का प्रतीक चिन्ह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आदान-प्रदान तथा आर्थिक संबलता को परिलक्षित कर रहा है। रुपए का चिन्ह भारत के लोकाचार का भी एक रूपक है। रुपए का यह नया प्रतीक देवनागरी लिपि के 'र' और रोमन लिपि के अक्षर 'आर' को मिला कर बना है, जिसमें एक क्षैतिज रेखा भी बनी हुई है। यह रेखा हमारे राष्ट्रध्वज तथा बराबर के चिन्ह को प्रतिबिंबित करती है। भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को इस चिन्ह को स्वीकार कर लिया है।

    यह चिन्ह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुम्बई के पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन श्री डी. उदय कुमार ने बनाया है। इस चिन्ह को वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित एक खुली प्रतियोगिता में प्राप्त हजारों डिजायनों में से चुना गया है। इस प्रतियोगिता में भारतीय नागरिकों से रुपए के नए चिन्ह के लिए डिजाइन आमंत्रित किए गए थे। इस चिन्ह को डिजीटल तकनीक तथा कम्प्यूटर प्रोग्राम में स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है।

    राष्ट्रीय नदी - गंगा

    गंगा भारत की प्रमुख नदी है। 2008 में 4 नवंबर को मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किया। गंगा उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पच्छिम बंगाल राज्यों से होकर गुजराती है।

    राष्ट्रपिता - महात्मा गांधी

    महात्मा गांधी भारत के प्रमुख राजनेता थे और स्वतंत्रता अभियान में इनका प्रमुख योगदान रहा है. गांधी जी उस समय देशवासियों के प्रिय नेता थे. सबसे पहले 4 जून 1944 को सुभाष चन्द्र बोस ने सिंगापुर रेडियो से एक संदेश प्रसारित करते हुए महात्मा गांधी को 'देश का पिता' (राष्ट्रपिता) कहकर संबोधित किया। फिर भारत सरकार ने महात्मा गांधी के इस नाम को मान्यता दे दी।

    राष्ट्रीय पुष्प - कमल

    कमल (निलम्‍बो नूसीपेरा गेर्टन) भारत का राष्‍ट्रीय फूल है। यह पवित्र पुष्‍प है और इसका प्राचीन भारत की कला और गाथाओं में विशेष स्‍थान है और यह अति प्राचीन काल से भारतीय संस्‍कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है। भारत पेड़ पौधों से भरा है।

    वर्तमान में उपलब्‍ध डाटा वनस्‍पति विविधता में इसका विश्‍व में दसवां और एशिया में चौथा स्‍थान है। अब तक 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया गया उसमें से भारत के वनस्‍पति सर्वेक्षण द्वारा 47,000 वनस्‍पति की प्रजातियों का वर्णन किया गया है।

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    राष्ट्रीय फल - आम

    आम भारत का राष्ट्रीय फल है. साथ ही आम को पाकिस्तान और फिलीपींस में राष्ट्रीय फल माना जाता है और बांग्लादेश में इसके पेड़ को राष्ट्रीय पेड़ का दर्जा प्राप्त है।

    राष्ट्रीय वृक्ष - बरगद(वट)

    भारतीय बरगद का पेड़ फाइकस बैंगा‍लेंसिस, जिसकी शाखाएं और जड़ें एक बड़े हिस्‍से में एक नए पेड़ के समान लगने लगती हैं। जड़ों से और अधिक तने और शाखाएं बनती हैं। इस विशेषता और लंबे जीवन के कारण इस पेड़ को अनश्‍वर माना जाता है और यह भारत के इतिहास और लोक कथाओं का एक अविभाज्‍य अंग है।

    आज भी बरगद के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केंद्र बिन्‍दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है।

    राष्ट्रीय मिठाई - जलेबी

    जलेबी भारत की राष्ट्रीय मिठाई हैं। जलेबी उत्तर भारत, पाकिस्तान व मध्यपूर्व का एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसका आकार पेंचदार होता है और स्वाद बहुत ही मीठा होता हैं।

    राष्ट्रीय खेल - हॉकी

    राष्ट्रीय जलीय जीव - गंगा नदी की डॉल्फिन

    गंगा नदी की डॉल्फिन या गंगा सूंस : यह डॉल्फिन गंगा और सिन्धु नदी माँ पाई जाती है। केंद्र सरकार ने 18 मई 2010 को गंगा डॉल्फिन को भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। गंगा डॉल्फिन एक नेत्रहीन जलीय जीव है जिसकी सूंघने की शक्ति अत्यंत तीव्र होती है। यह दुर्लभ जलीय जिव विलुप्ति के कगार पर हें।

    राष्ट्रीय पशु - बाघ

    राजसी बाघ, तेंदुआ टाइग्रिस धारीदार जानवर है। इसकी मोटी पीली लोमचर्म का कोट होता है जिस पर गहरी धारीदार पट्टियां होती हैं। लावण्‍यता, ताकत, फुर्तीलापन और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय जानवर के रूप में गौरवान्वित किया है।

    ज्ञात आठ किस्‍मों की प्रजाति में से शाही बंगाल टाइगर (बाघ) उत्‍तर पूर्वी क्षेत्रों को छोड़कर देश भर में पाया जाता है और पड़ोसी देशों में भी पाया जाता है, जैसे नेपाल, भूटान और बांग्‍लादेश। भारत में बाघों की घटती जनसंख्‍या की जांच करने के लिए अप्रैल 1973 में प्रोजेक्‍ट टाइगर (बाघ परियोजना) शुरू की गई। अब तक इस परियोजना के अधीन 27 बाघ के आरक्षित क्षेत्रों की स्‍थापना की गई है जिनमें 37, 761 वर्ग कि.मी. क्षेत्र शामिल है।

    राष्ट्रीय पक्षी - मयूर

    भारतीय मोर, पावों क्रिस्‍तातुस, भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी एक रंगीन, हंस के आकार का पक्षी पंखे आकृति की पंखों की कलगी, आँख के नीचे सफेद धब्‍बा और लंबी पतली गर्दन।

    इस प्रजाति का नर मादा से अधिक रंगीन होता है जिसका चमकीला नीला सीना और गर्दन होती है और अति मनमोहक कांस्‍य हरा 200 लम्‍बे पंखों का गुच्‍छा होता है। मादा भूरे रंग की होती है, नर से थोड़ा छोटा और इसमें पंखों का गुच्‍छा नहीं होता है। नर का दरबारी नाच पंखों को घुमाना और पंखों को संवारना सुंदर दृश्‍य होता है।

    राष्ट्रीयता - भारतीय (Indian)

    राष्ट्रीयता - भारतीय (Indian)

    इंडियन : भारत देश के निवासियों को भारतीय कहा जाता है। भारत को हिन्दुस्तान नाम से भी पुकारा जाता है और इसीलिये भारतीयों को हिन्दुस्तानी भी कहतें है।


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