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विटामिन ‘ए’(A) की कमी से होने वाले रोग [2022] | Vitamin A deficiency diseases in Hindi

विटामिन 'ए' की कमी से होने वाले रोग |  Vitamin A ki Kami Se Hone Wale Rog

विटामिन ‘ए’(A) की कमी से होने वाले रोग के बारे में जानने के साथ-साथ आपको इस पोस्ट में विटामिन-A के कमी से होने वाले लक्षण, विटामिन-A की महत्वपूर्ण बातो के बारे में भी बताने वाले है-

Vitamin A deficiency diseases in Hindi

विटामिन- ए (Vitamin- A):

शरीर को स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए विटामिनो के महत्वपूर्ण योगदान से इंकार नही किया जा सकता है। शरीर के समुचित पोषण के लिए विटामिन अति आवश्यक सहायक तत्व हैं। आधुनिककाल में विटामिनो की खोज के बाद इनका प्रचलन तेजी से जोर पकड़ चूका हैं। सभी विटामिन जो अबतक चिकित्सा वैज्ञानिको ने खोज निकाले हैं एक दुसरे पर निर्भर है। यह हमारे भोजन में काफी मात्र में होकर भी हमारे शरीर को नई जीवन शक्ति देते हैं। इनकी कमी से शरीर रोगग्रस्त हो जाता हैं। जब विटामिनो को किसी कारणवश शरीर में पूर्ति हो पाना संभव नही होता। तब यह कमी मृत्यु का कारण बन जाती है। आगे हम सभी विटामिन-A का वर्णन कर रहे हैं। 

शरीर में विटामिन ‘ए’ की कमी से निम्नलिखित रोग उत्पन्न हो जाते हैं जो समुचित विटामिन ‘ए’ की चिकित्सा करने पर दूर हो जाते हैं।

विटामिन- A से सम्बंधित सवाल -

  1. विटामिन 'A' की कमी से होने वाले रोग?
  2. विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग का नाम?
  3. विटामिन A की कमी से क्या होता है?
  4. विटामिन ए की कमी के लक्षण?
  5. विटामिन A की कमी से कौन सा रोग होता है?
विटामिन- ए से सम्बंधित इन सवालों के जवाब आपको निचे विस्तार से दिया गया है-

विटामिन-ए की कमी के लक्षण (Symptoms of Vitamin A Deficiency) :-

  • भूख की कमी, 
  • आंतो में गैस के विकार, 
  • गैस बनना
  • मूत्राशय की पथरी, 
  • दिल की कमजोरी, 
  • निमोनिया, 
  • सर्दी,खांसी, जुकाम, ज्वर, 
  • नजला,ब्रोंकाईटिस,
  • सुखी खांसी, 
  • त्वचा रोग, चर्म का सुख जाना, चर्म प्रदाह, चर्म शोथ, चर्म की सुजन, चर्म मोटी हो जाना, 
  • घाव, फोड़े, फुन्सिया, 
  • कारबंकल जैसे खतरनाक जहरीले घाव 
  • कील-मुहांसे झाइयाँ, चेहरे के दाग- धब्बे, 
  • बाल उड़ना, सर गंजा होना, बालो का रुखापन,
  • नाड़ी दुर्बलता, नाड़ी संस्थान की कमजोरी- हीनता,
  • स्तनों में दूध कम हो जाना, 
  • मासिक धर्म पूर्व के सभी विकार. 
  • बुढ़ापे में योनि शोथ, योनि प्रदाह, योनि की सुजन हो जाना, 
  • बच्चों  की दुर्बलता, 
  • रतौंधी. नेत्र विकार, नेत्र राग धुंधला दिखाई देना,अंधत्व, 
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता का आभाव हो जाना, 
  • झागदार दस्त होना, 
  • देर से दांत निकलना, 
  • शरीर का वजन गिर जाना, 
  • अपचन संक्रमण, 
  • जीवनी शक्ति का अभाव हो जाना, 
  • बहरापन, 
  • पेंघा या गिल्हड, 
  • जननांगो के रोग एवं विकार आदि। 

विटामिन ‘ए’ (A) के जानने योग्य महत्वपूर्ण तथ्य :-

  • यह हमारे शरीर को नई जीवन शक्ति देते हैं।
  • विटामिन ‘ए’ शरीर  को रोग प्रतिरोधक क्षमता देता हैं। 
  • नन्हे बच्चो को विटामिन ‘ए’ की अत्यधिक आवश्यकता होती है। 
  • गर्भावस्था में विटामिन ‘ए’ की अत्यधिक आवश्यकता होती है। 
  • संक्रामक रोगों से शरीर जब घिर गया हो तब विटामिन ‘ए’ की अत्यधिक आवश्यकता होती है।

विटामिन ‘ए’(A) की कमी से होने वाले रोग (Vitamin- A deficiency diseases) :-

  • विटामिन ‘ए’ की कमी से बहरापन  होता है। 
  • सर्दी खांसी, जुकाम, नजला विटामिन ‘A’ की कमी से होता है। 
  • फेफड़ो में संक्रमण विटामिन ‘ए’ की कमी से होता है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से रोगों तेज प्रकाश सहन नही कर पता है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से कील-मुंहासे आदि कई चर्म रोग हो जाते है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से नेत्रों में आंसू सुख जाते है। 
  • विटामिन ‘ए’ का अविष्कार १९३१ में हुआ था। 
  • विटामिन ’A’ जल में घुल जाता है। 
  • विटामिन ’ए’ तेल और वसा में घुल जाता है। 
  • विटामिन ’A’ की कमी से नाख़ून आसनी से टूटने लगते है। 
  • विटामिन’ए’ की कमी से रतौंधी हो जाती है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से अनेक नेत्र रोग स घेरते है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से रोगी अँधा हो जाता है। 
  • विटामिन’A’ की कमी से दांत कमजोर हो जाता है।  दांतों का एनामेल बनने में रूकावट हो जाती है।   
  • दांतों में गड्ढे विटामिन ‘ए’ की कमी से होते है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से पुरुष के जननांगो पर प्रभाव डालता है। 
  • साइनस नथुने नक् कण और फले शिराओ पतली रक्त वाहिनियों माथे की रक्त वाहिनियों के संक्रमण विटामिन ‘ए’ कि पूर्ति करने से दूर हो  जाते है।
  • स्कारलेट फीवर विटामिन ‘ए’ देने से ठीक हो जाते है। 
  • विटामिन ‘A’  की कमी से बच्चो की बढ़त थम जाती है। 
  • बच्चो को एक हजार से लेकर तीन हजार यूनिट आई, प्रतिदिन विटामिन ‘इ’ की आवश्यकता होती है। 
  • विटामिन’ए’ की कमी दिमाग की 8वीं नाड़ी पर बुरा प्रभाव डालती है। 
  • विटामिन ‘A’ के प्रयोग से वृक्को की पथरी का  डर नहीं रहता। पथरी रेत के कण जैसी बनकर मूत्र से निकल जाती हैं। 
  • गिल्हड़ विटामिन ‘ए’ की कमी से होता हैं।
  • दिल धड़कने वाले रोगी को विटामिन ‘ए’  के साथ विटामिन ‘बी’ भी देना चाहिए। 
  • विटामिन ‘A’  कमी से स्त्री के जननांगो पर घटक प्रभाव पड़ता है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से स्त्री का डिम्बाशय सिकुड़ जाता है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से पुरुष का अंडाशय सिकुड़ जाता है। 
  • विटामिन ‘ए’ और ‘ई’ शरीर में घट जाने पर स्त्री और पुरषों की सम्भोग इच्छा नहीं रहती तथा संतान उत्पन्न करने की क्षमता भी समाप्त हो जाती है। 
  • विटामिन ‘A’ और ‘ई’ की कमी से पिट्यूटरी ग्लैंड की सक्रियता में बाधा हो जाती है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से अनेक चर्म रोग हो जाते है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से बुढ़ापा जल्दी आ जाता है। 
  • विटामिन ‘ए’ से धमनियां और शिराएँ मुलायम रहती है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से बल झड़ने लगते है। 
  • विटामिन ‘ए’ हरी सब्जियों में अधिक होता है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से हमारे देश में लाखों लोग अपनी आँखों की रोशनी खो चुके हैं। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से आँखों की चमक निस्तेज हो जाती है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से नेत्रों में झुर्रियां पड़ जाती है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से जीभ पीली पड़ जाती है। 
  • मछली के तेल में विटामिन ‘A’ सबसे अधिक होता है। 
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से सर के बल खुरदुरे हो जाते है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से भूख घट जाती है।
  • विटामिन ‘ए’ की कमी से वजन घट जाता है। 
  • विटामिन ‘A’ की कमी से त्वचा खुरदुरी मोती और कांतिहीन हो जाती है, चेहरा निस्तेज हो जाता है।
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