Top 10 Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान [Updated]

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Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

आज के इस जानकारी भरे पोस्ट में हमने आपको Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान के बारे में बताया हैं - 

गणित ऐसी विद्याओं का समूह है जो संख्याओं, मात्राओं, परिमाणों, रूपों और उनके आपसी रिश्तों, गुण, स्वभाव इत्यादि का अध्ययन करती हैं। गणित एक अमूर्त या निराकार (abstract) और निगमनात्मक प्रणाली है। गणित की कई शाखाएँ हैं : अंकगणित, रेखागणित, त्रिकोणमिति, सांख्यिकी, बीजगणित, कलन, इत्यादि। गणित में अभ्यस्त व्यक्ति या खोज करने वाले वैज्ञानिक को गणितज्ञ कहते हैं।

गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान 

बीसवीं शताब्दी के प्रख्यात ब्रिटिश गणितज्ञ और दार्शनिक बर्टेंड रसेल के अनुसार ‘‘गणित को एक ऐसे विषय के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें हम जानते ही नहीं कि हम क्या कह रहे हैं, न ही हमें यह पता होता है कि जो हम कह रहे हैं वह सत्य भी है या नहीं।’’

गणित कुछ अमूर्त धारणाओं एवं नियमों का संकलन मात्र ही नहीं है, बल्कि दैनंदिन जीवन का मूलाधार है।

Top 10 Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान [Updated]

गणित का वर्गीकरण -  Type of Maths in Hindi 

वर्तमान में गणित को पर दो भागों में बांटा जाता है:

  1. अनुप्रयुक्त गणित या नियोज्य गणित (Applied Mathematics)
  2. शुद्ध गणित (Pure Mathematics)

गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान-Math GK In Hindi 2023

निचे दिए गये सभी  गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान कई बार परीक्षा में पूछे जा चुके हैं इसलिए ये सभी Math GK आपके लिए उपयोगी साबित होंगे - 

प्रश्न : संख्या 475240 में 5 के स्थानीय मान और जातीय मान में क्या अन्तर है?

(a) 4990

(b) 4995

(c) 4890

(d) 4885

सही उत्तर – 4995


प्रश्न : प्रथम 75 प्राकृतिक संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।

(a) 2650

(b) 2675

(c) 2750

(d) 2800

सही उत्तर – 2650


प्रश्न : प्रथम 100 सम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।

(a) 10100

(b) 10125

(c) 10150

(d) 10175

सही उत्तर – 10150


प्रश्न : प्रथम 50 विषम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।

(a) 1600

(b) 1900

(c) 2500

(d) 2900

सही उत्तर – 2900


प्रश्न : प्रथम 20 प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए।

(a) 4290

(b) 4294

(c) 4298

(d) 4302

सही उत्तर – 4298


प्रश्न : प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग ज्ञात कीजिए।

(a) 3,000

(b) 3,025

(c) 3,050

(d) 3,075

सही उत्तर – 3,050


प्रश्न : यदि 481*673 पूर्णतया 9 से विभक्त हो, तो * के स्थान पर कौन-सा अंक होगा?

(a) 2

(b) 5

(c) 6

(d) 7

सही उत्तर – 2


प्रश्न : a का छोटे से छोटा मान क्या होगा जिसके लिए संख्या 365a24 पूर्णतया 8 से विभक्त हो जाये?

(a) 9

(b) 8

(c) 0

(d) निर्धारित नहीं किया जा सकता

सही उत्तर – निर्धारित नहीं किया जा सकता


प्रश्न : * का छोटे से छोटा मान क्या होगा कि संख्या 97315*6 पूर्णतया 11 से विभक्त हो जाये?

(a) 3

(b) 2

(c) 1

(d) 5

सही उत्तर – 2

प्रश्न : निम्नलिखित में से कौन-सी संख्या अभाज्य है?

(a) 441

(b) 223

(c) 357

(d) 153

सही उत्तर – 357


प्रश्न : दो क्रमागत सम संख्याओं के वर्गों का योग 6500 है। उनमें छोटी संख्या कौन है?

(a) 54

(b) 52

(c) 48

(d) 56

सही उत्तर – 56


प्रश्न : भाग की एक संक्रिया मेंभाजक भागफल का 5 गुना तथा शेषफल का 2 गुना हैयदि शेषफल 40 है, तो भाज्य ज्ञात कीजिए।

(a) 1320

(b) 1380

(c) 1395

(d) निर्धारित नहीं किया जा सकता

सही उत्तर – 1320


प्रश्न : किसी धन पूर्णांक में 999 जोड़ने पर प्राप्त योगफल, उसी धन पूर्णांक में 999 से गुणा करने पर प्राप्त गुणनफल से अधिक है, तो धन पूर्णांक ज्ञात कीजिए।

(a) 5

(b) 3

(c) 1

(d) निर्धारित नहीं किया जा सकता

सही उत्तर – 1


प्रश्न : 41116 में से कम से कम क्या जोड़ा जाये कि योगफल 8 से पूर्णतया विभक्त हो?

(a) 8

(b) 5

(c) 4

(d) 12

सही उत्तर – 8


प्रश्न : किसी संख्या को 342 से भाग देने पर शेषफल 47 प्राप्त होता है, उसी संख्या को 18 से भाग देने पर शेषफल क्या बचेगा?

(a) 11

(b) 12

(c) 15

(d) N.O.T

सही उत्तर – N.O.T

तो ये थी दोस्तों Top 10 Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान की जानकारी जो अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं |

भौतिकी में गणित का महत्व -  Math GK In Hindi 2023 |

  • विद्युतचुम्बकीय सिद्धान्त समझने एवं उसका उपयोग करने के लिये के लिये सदिश विश्लेषण बहुत महत्वपूर्ण है।
  • ग्रुप सिद्धान्त, स्पेक्ट्रोस्कोपी, क्वांटम यांत्रिकी, ठोस अवस्था भौतिकी एवं नाभिकीय भौतिकी के लिये बहुत उपयोगी है।
  • भौतिकी में सभी तरह के रेखीय संकायों के विश्लेषण के लिये फुरिअर की युक्तियाँ उपयोगी है।
  • क्वान्टम् यान्त्रिकी को समझने के लिये मैट्रिक्स विश्लेषण जरूरी है।
  • विद्युतचुम्बकीय तरंगों का वर्णन करने एवं क्वान्टम यांत्रिकी के लिये समिश्र संख्याओं का उपयोग होता है।

गणित का इतिहास -  Math GK In Hindi 2023

मानव ज्ञान की कुछ प्राथमिक विधाओं में संभवतया गणित भी आता है और यह मानव सभ्यता जितना ही पुराना है। मानव जीवन के विस्तार और इसमें जटिलताओं में वृद्धि के साथ गणित का भी विस्तार हुआ है और उसकी जटिलताएं भी बढ़ी हैं। सभ्यता के इतिहास के पूरे दौर में गुफा में रहने वाले मानव के सरल जीवन से लेकर आधुनिक काल के घोर जटिल एवं बहुआयामी मनुष्य तक आते-आते मानव जीवन में धीरे-धीरे परिवर्तन आया है। 

गणित की उत्पत्ति कैसे हुई - गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

गणित की उत्पत्ति कैसे हुई, यह आज इतिहास के पन्नों में ही विस्मृत है। मगर हमें मालूम है कि आज के 4000 वर्ष पहले बेबीलोन तथा मिस्र सभ्यताएं गणित का इस्तेमाल पंचांग (कैलेंडर) बनाने के लिए किया करती थीं जिससे उन्हें पूर्व जानकारी रहती थी कि कब फसल की बुआई की जानी चाहिए या कब नील नदी में बाढ़ आएगी, या फिर इसका प्रयोग वे वर्ग समीकरणों को हल करने के लिए किया करती थीं।

गणित कार्यपद्धति क्या हैं ?

गणित मानव मस्तिष्क की उपज है। मानव की गतिविधियों एवं प्रकृति के निरीक्षण द्वारा ही गणित का उद्भव हुआ। मानव मस्तिष्क की चिंतन प्रक्रियाओं के मूल में पैठ कर ही गणित मुखर रूप से उनकी अभिव्यक्ति करता है और वास्तविक संसार अवधारणाओं की दुनिया में बदल जाता है।

विविक्त गणित (Discrete mathematics) क्या हैं ?

सैद्धान्तिक संगणक विज्ञान में काम आने वाले गणित का सामान्य नाम विविक्त गणित है। इसमें संगणन सिद्धान्त (Theory of Computation), संगणनात्मक जटिलता सिद्धान्त, तथा सैधान्तिक कम्प्यूतर विज्ञान शामिल हैं।

  • भारतीय गणितज्ञों की सूची
  • मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
  • नेविगेशन पर जाएँखोज पर जाएँ

आधुनिक भारत के महान गणितज्ञ - गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

सिन्धु सरस्वती सभ्यता से आधुनिक काल तक भारतीय गणित के विकास का कालक्रम नीचे दिया गया है। सरस्वती-सिन्धु परम्परा के उद्गम का अनुमान अभी तक ७००० ई पू का माना जाता है। पुरातत्व से हमें नगर व्यवस्था, वास्तु शास्त्र आदि के प्रमाण मिलते हैं, इससे गणित का अनुमान किया जा सकता है। 

  • सुब्रह्मण्यन् चन्द्रशेखर (1910-1995)
  • एस. एस श्रीखंडे (जन्म 1917)
  • प्रह्लाद चुन्नीलाल वैद्य (1918-2010)
  • टेक्कथाअमायन्कोथकलाम सरस्वती अम्मा (1918-2000)[1]
  • अनिल कुमार गैन (1919–1978)
  • कल्यामपुड़ी राधाकृष्ण राव (1920-)
  • छन्दशास्त्र -- पिंगल
  • लोकविभाग -- सर्वनन्दी
  • आर्यभटीय -- आर्यभट प्रथम
  • आर्यभट्ट सिद्धांत -- आर्यभट प्रथम
  • दशगीतिका -- आर्यभट प्रथम
  • पंचसिद्धान्तिका -- वाराहमिहिर
  • हरीश चन्द्र (1923-1983)
  • पी के श्रीनिवासन (1924–2005)
  • रघु राज बहादुर (1924-1997)
  • गोपीनाथ कलियांपुर (1925-2015)
  • श्रीराम शंकर अभयंकर ( 1930–2012)
  • एम. एस. नरसिम्हानी (जन्म 1932)
  • कांजिवरम श्रीरंगचारी शेषाद्रि (जन्म 1932)
  • के.एस.एस.नंबूरीपाड़ (जन्म 1935)
  • रामयंगर श्रीधरन (जन्म 1935)
  • विनोद जौहरी (1935–2014)
  • महाभास्करीय -- भास्कर प्रथम
  • आर्यभटीय भाष्य -- भास्कर प्रथम
  • लघुभास्करीय -- भास्कर प्रथम
  • लघुभास्करीयविवरण -- शंकरनारायण

19वीं सदी के महान गणितज्ञ की सूची - Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

  • श्रीनिवास रामानुजन् (1887-1920)
  • ए॰ ए॰ कृष्णस्वामि अय्यंगार (1892-1953)
  • प्रशान्त चन्द्र महालनोबिस (1893-1972
  • सत्येन्द्र नाथ बसु (1894-1974)
  • संजीव शाह(1803- 1896)
  • रघुनाथ पुरुषोत्तम परांजपे(1876-1966)

शास्त्रों में गणित की विवेचना Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

भारत में अन्य शास्त्रों के विद्वान भी गणित की भावना से ओत-प्रोत रहे प्रतीत होते हैं। उन शास्त्रों में प्रसंगवश गणित विषयक जानकारियाँ बिखरी पड़ी हैं। महान वैयाकरण पाणिनि ने गणित के अनेक शब्दों की सूक्ष्म विवेचना की है। उन्होंने उस समय की आवश्यकतानुसार प्रतिशत के स्थान पर मास में देय ब्याज के लिये एक ‘प्रतिदश’ अनुपात का उल्लेख किया है |

गणित के विभिन्न क्षेत्रों में भारत का योगदान - गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान

प्रथम शताब्दी में ब्राह्मी अंकों का स्वरूप

प्राचीनकाल तथा मध्यकाल के भारतीय गणितज्ञों द्वारा गणित के क्षेत्र में किये गये कुछ प्रमुख योगदान नीचे दिये गये हैं-

(1) अंकगणित : दाशमिक प्रणाली (Decimal system), ऋण संख्याएँ (Negative numbers), शून्य (हिन्दू अंक प्रणाली देखें), द्विक संख्या प्रणाली (Binary numeral system), स्थानीय मान पर आधारित संख्या आधुनिक संख्या निरूपण, फ्लोटिंग पॉइंट संख्याएँ, संख्या सिद्धान्त, अनन्त (Infinity), टांसफाइनाइट संख्याएँ (Transfinite numbers), अपरिमेय संख्याएँ (शुल्बसूत्र देखें)

(2) भूमिति अर्थात भूमि मापन का शास्त्र : वर्गमूल (बक्षाली पाण्डुलिपि देखें), घनमूल (महावीर देखें), पाइथागोरीय त्रिक (शुल्बसूत्र देखें, बौधायन तथा आपस्तम्ब ने पाइथागोरस प्रमेय का स्पष्ट कथन किया है किन्तु बिना उपपत्ति (proof) के), ट्रांसफॉर्मेशन (पाणिनि देखें), पास्कल त्रिकोण (पिंगल देखें)

(3) बीजगणित: द्विघात समीकरण , त्रिघात समीकरण और चतुर्घात समीकरण (biquadratic equations) 

(4) गणितीय तर्कशास्त्र (लॉजिक): Formal grammars, formal language theory, the Panini-Backus form (पाणिनि देखें), Recursion 

(5) सामान्य गणित: Fibonacci numbers मोर्स कोड का प्राचीनतम रूप , लघुगणक, घातांक (जैन गणित देखें), कलन विधि , अल्गोरिज्म (Algorism) 

(6) त्रिकोणमिति: त्रिकोणमितीय फलन (सूर्य सिद्धान्त और आर्यभट देखें), त्रिकोणमितीय श्रेणी (केरलीय गणित सम्प्रदाय देखें)

(7) कैलकुलस : आर्यभट की ज्या सारणी, [[माधवाचार्य की ज्या सारणी|माधव आदि से कई सौ वर्ष पहले के हैं।

भारतीय गणित की शब्दावली- गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान 

  • गणित
  • पाटीगणित[7]
  • बीजगणित
  • अव्यक्त गणित -- 'अव्यक्त गणित' तथा 'अव्यक्त रासि' का प्रयोग क्रमशः आधुनिक बीजगणित (अल्जेब्रा) एवं 'अज्ञात राशि' (unknown) के लिए हुआ है।
  • करण - गणना करने की विधि या विधि बताने वाला ग्रन्थ
  • कुट्टक - अनिर्धार्य समीकरण जिनका पूर्णांक हल निकालना होता था।
  • त्रैराशिकव्यवहार (द रूल ऑफ थ्री)
  • यावत-तावत् - भारतीय बीजगणित में अज्ञात-राशि के लिए 'यावत्-तावत्' (जितने कि उतनी मात्रा में) का प्रयोग हुआ है।
  • वर्ण (variable) - ब्रह्मगुप्त ने अज्ञात राशि के लिए 'वर्ण' (रंग, अक्षर) शब्द का प्रयोग किया। इसलिए कालान्तर में अज्ञात राशि के लिए कालक (का), नीलक (नी), पीलक (पी) आदि का प्रयोग होता रहा।
  • करणी (surd)
  • परिकर्म (mathematical operation)
  • इष्टकर्म (Rule of supposition) - यह बहुत प्राचीन नियम है किन्तु भास्कराचार्य ने इसे यह नाम प्रदान किया है। इसमें सारी संक्रियाएं किसी कल्पित राशि के माध्यम से की जातीं हैं। [8]
  • मिश्रक-व्यवहार - इसमें ब्याज, स्वर्ण की मिलावट आदि से सम्बन्धित प्रश्न आते हैं।
  • क्षेत्रगणितव्यवहार (Measurement of Areas)
  • खातव्यवहार (calculations regarding excavations)
  • छायाव्यवहार (Calculations relating to shadows)
  • वर्ग, वर्गमूल, घन, घनमूल आदि
  • भारतीय गणितज्ञ
  • मुख्य लेख: भारतीय गणितज्ञ सूची
  • याज्ञवल्क्य
  • बौधायन
  • कात्यायन
  • लगध
  • पाणिनि
  • पिंगल
  • आर्यभट
  • ब्रह्मगुप्त
  • महावीराचार्य
  • अर्धच्छेद - किसी संख्या N का अर्धच्छेद वह संख्या है जिसको २ के उपर घात लगाने से N मिलता है। अतः ३२ का अर्धच्छेद ५ है।
  • कटपयादि
  • अर्धज्या या ज्यार्ध (half cord)
  • जीवा (कॉर्ड)
  • शून्य
  • अनन्त
  • समीकरण (equation)
  • मेरुप्रस्तार (pyramidal expansion or Pascal triangle)

आशा करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गयी Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान की जानकारी अच्छी लगी होगी |

Math GK In Hindi 2023 | गणित के महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान 

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